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Showing posts from August, 2008
चाँद का चेहरा , सबने देखा है चाँद में चेहरा हमने देखा है ---रात के आँचल में , बूटे सा सजा चाँद अम्बर के सीने में , यादों सा खिला चाँद पर्वतों के पीछे से , झांकता चाँद पत्तों के झुरमुट से हिलता डुलता चाँद हवा के झोंके से सरसराता चाँद सर्दी की रात में कंपकपाता चाँद सितारों की दुनिया में अकेला तनहा चाँद यादों में हौले से दस्तक देता चाँद --
कन्या
जगत की जीवनदायिनी शक्ति
क्यूँ है शापित जनम से
जन्म लेने के अधिकार से वंचित क्यूँ है ?
प्रकृति का कोमल उपहार
भोर की उजली किरण
जीवन की प्रथम कलि
खिलने से पहले ही मुरझाने को विवश क्यूँ है ?
कन्या
माँ ,बेटी, बहन है
जन्मदायिनी माँ की आंख का आंसू क्यूँ है ?