ahasas

उम्र के केनवास पर
वक़्त बनाता गया कुछ धुंधले अक्स
उभरते रहे आकार
चित्रित होते रहे इन्द्रधनुषी रंग
उम्र के कागज पर ,
वक़्त लिखता रहा अपनी इबारत ...
एहसास कि स्याही से
अनुभव कि कलम से
उम्र के कागज पर -
वक़्त करता रहा अपने हस्ताक्षर
अंकित होते रहे कुछ नाम....

Comments

mindspace said…
u write beautifully!
एहसास कि स्याही से
अनुभव कि कलम से
उम्र के कागज पर -
वक़्त करता रहा अपने हस्ताक्षर
अंकित होते रहे कुछ नाम....

Bahut khoobsurat rachna hai.
Samvednao ko shabdon mein tarashne ke liye shukriya..
Aapki sabhi rachnaon ki pratiksha rahegi.
- P K Kush 'tanha'
Dr. RAMJI GIRI said…
उम्र की आत्मकथा पढ़ कर अच्छा लगा..

Popular posts from this blog

२२ मार्च - विश्व जल दिवस

HOLI

स्वर्ण मन्दिर अमृतसर