सोन नदी में बढ़ता जल प्रदुषण

R. K. Srivastava1, School of Environmental Biology, A.P.S. University, REWA-486003 M.P., इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सोन नदी में प्रदुषण ,ओरिएंट पेपर मिल के कारन जहरीलेपन की हद को पर कर चुका है और जल इंसानों और जानवरों के पिने लायक नहीं रह गया है.......Maximum pollution was observed up to 30 km downstream. Improvement in water quality was registered further downstream due to self-recovery and dilution. The greatest variability was observed between water samples taken at the OPM uptake site and at the effluent mixing point located 2 km downstream. Maximum similarity was found between stations located 2.0 and 2.1 km; 2.3 and 2.5 km; and 2.7 and 3.0 km downstream. ......प्रदुषण कंट्रोल बोर्ड कोई एक्शन क्यों नहीं लेता ???

Comments

kumar zahid said…
हमारे ज़िले में एक ‘भ्रष्टाचार उन्मूलन संगठन’ सरकारी कर्मचारियों ने बना रखा है..इनमें सभी पदाधिकरी वे लोग हैं जो भ्रष्टाचार में जरूरत से ज्यादा लिप्त हैं, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी है और दवाब का माद्दा रखते हैं.
प्रदूषण नियंत्रण मंडल यानी pollution control board से उम्मीद हमारे इधर उल्टी रखी जाती है।

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